मैं जानना चाहता/चाहती हूँ कि मंडी शिवरात्रि में मुख्य रूप से कौन-कौन से देवता पूजे जाते हैं और उनके पीछे की पौराणिक या धार्मिक कहानी क्या है। अगर आप इनके महत्व, पूजा विधि या इससे जुड़ी किसी रोचक कथा के बारे में भी बता सकें तो बहुत मदद होगी।
मंडी शिवरात्रि में पूजे जाने वाले प्रमुख देवता
1. राजा मदन (मदन राय) – मंडी के अधिष्ठाता देवता
इन्हें मंडी का राजा देवता माना जाता है।
सभी देवी-देवताओं की अगवानी और मेला संचालन इन्हीं की अनुमति से होता है।
कथा:
मान्यता है कि राजा मदन ने मंडी क्षेत्र की रक्षा और समृद्धि के लिए देव रूप धारण किया। शिवरात्रि के दौरान सभी देवता इन्हें अपना राजा मानकर दरबार में उपस्थित होते हैं।
2. भगवान शिव (भूतनाथ महादेव)
मंडी शिवरात्रि का मुख्य आराध्य देव।
भूतनाथ मंदिर मंडी का सबसे पवित्र स्थल माना जाता है।
कथा:
कहा जाता है कि राजा अजय सेन को स्वप्न में शिव ने दर्शन देकर इस स्थान पर शिवलिंग स्थापित करने का आदेश दिया। तभी से मंडी शिव की नगरी कहलाती है।
3. देव कमरूनाग
वर्षा और नाग देवता के रूप में पूजे जाते हैं।
इनके आगमन से क्षेत्र में सुख-समृद्धि मानी जाती है।
कथा:
मान्यता है कि देव कमरूनाग स्वयं को महाभारत काल से जोड़ते हैं और पांडवों से जुड़े हुए हैं। लोग इन्हें दूध, सिक्के और आभूषण अर्पित करते हैं।
4. देव शेषनाग
नाग देवताओं में अत्यंत शक्तिशाली माने जाते हैं।
जल और मौसम से जुड़े देवता हैं।
कथा:
शेषनाग को धरती का धारक माना जाता है। इनके आगमन से प्राकृतिक संतुलन बना रहता है, ऐसी लोक-मान्यता है।
5. माँ नयनादेवी
शक्ति स्वरूपा देवी।
मंडी क्षेत्र की रक्षा करने वाली देवी मानी जाती हैं।
कथा:
लोककथाओं के अनुसार माँ नयनादेवी ने अनेक बार राक्षसों का संहार कर क्षेत्र को सुरक्षित किया।
6. देव लोहिया नाग, देव बासा सिद्ध, देव चामुंडा
ये स्थानीय क्षेत्रीय देवता हैं।
अपने-अपने क्षेत्रों की रक्षा और न्याय के लिए प्रसिद्ध हैं।